Sunday, October 23, 2022

148# दिवाली की सफाई ...

हो गई अपनी दिवाली की सफाई... 
कई शब्द मिले
कुछ बेफिजूल से थे उन्हें जाने दिया
कुछ फिर इस्तेमाल करने को रख दिया
कुछ अधूरी कहानियां मिली
डायरी के पन्नों में संभाल के रखे कुछ निशानियां मिली
कुछ यादों को मुस्कुराकर जिया
कुछ यादों को अश्कों में बह जाने दिया
कई उलझे रिश्ते मिले
फुर्सत में उन्हें सुलझाने को एक तरफ रख दिया
कुछ रिश्ते टूटे भी मिले
अफ़सोस तो हुआ पर उन्हें इस दिवाली जाने दिया
कुछ पुरानी तस्वीरें मिली,  मेरी 
खिलखिलाती मुस्कुराती खुशबु बिखेरती
जो तस्वीरों के मैं से मिली 
तो दर्पण के मैं को जाने दिया 
दिल के लगभग सभी खानों को साफ किया
वक़्त के धूल तले दबी बस एक हिस्से को जाने दिया
वो फिर किसी दिवाली सही  ... #mg 

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