Main aur Mere Tanhai ...
Saturday, October 18, 2025
160. कभी कभी...
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मुर्दो की बस्ती में भी मिल जाते है इंशान कभी कभी भर जाते है जख़्म मगर रह जाते है निशान कभी कभी सबका पेठ भरकर खुद भूखा सो जाता है किसान क...
159. हालात ए जिंदगी...
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नापने को जमीन कम पड़ रही और उड़ाने को आसमान इश्क के लिए वक्त कम पढ़ रहा और सुकून के लिए जहान बस इक दूरियाँ कम नहीं हो रही दो दिलों के दरमि...
Thursday, March 13, 2025
158. होली
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अबके होली जो आना संग प्रीत गुलाबी लेते आना सोला सावन बीत गए है तुम रंग सतरंगी लेते आना रंग पिला हल्दी सा गालो पर मलना मांग में मेरी रंग लाल ...
Sunday, February 26, 2023
157 # बचपना
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मां कसम भगवान कसम जब सर्वोपरी था वो दौर पुराना चाहती हूं ठोकर पर गिरु भी तो उठ कर बेबाग मुस्कुराना चाहती हूं फिर एक टॉफी में सारे माम...
Saturday, December 10, 2022
156 # मेरी मात हुई
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अनोखी एक वारदात हुई बरसों बाद उनसे बात हुई पुरानी चाय की टपरी पर मेहरबा आज काएनात हुई उनसे फिर पहली बार सी इत्तफाकन मुलाकात हुई आंखों आंखों ...
Tuesday, November 8, 2022
154# माँ...
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मेरी बात आज फिर तुम रखोगी ना माँ अपनी छाँव में सदा मुझे रखोगी ना माँ कल उंगलियाँ थाम चलना सिखाया था आज सर पे हाथ रख राह दिखाओगी ना माँ ओझ...
Sunday, November 6, 2022
153# वो ज़माने याद आए... (poem )
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आज उनसे हुई जो मुलाकात जाने कितने फसाने याद आए वो यू मुस्कुरा कर मिले जीने के सारे बहाने याद आए बजी साईकिल की घंटियां जवानी के सारे इशार...
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