दिलने न जाने क्या सोचकर
आपनी धड़कन धीमी करली
आँखों का हाल जो देखा
आइने ने आपनी नजर नीची करली -
गुलो में भी हुई कुछ कनापूसी
हमें आता देख सबने चुप्पी करली
धूप ने भी कुछ ताक झाक कर
बांध आपनी खिड़की करली -
मौसम भी गमगीन रहा आज
फ़िज़ाओं ने भी व्रत मोन करली
सब थे आज बेचैन परेशान
शायद सबको लग गई थी भनक -
के मुस्कान ने हमारी फिर छुट्टी करली ...
आपनी धड़कन धीमी करली
आँखों का हाल जो देखा
आइने ने आपनी नजर नीची करली -
गुलो में भी हुई कुछ कनापूसी
हमें आता देख सबने चुप्पी करली
धूप ने भी कुछ ताक झाक कर
बांध आपनी खिड़की करली -
मौसम भी गमगीन रहा आज
फ़िज़ाओं ने भी व्रत मोन करली
सब थे आज बेचैन परेशान
शायद सबको लग गई थी भनक -
के मुस्कान ने हमारी फिर छुट्टी करली ...
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